श्रीस्वामी हरिदास भज, छाँडि सकल जंजार।

Siddhant Ki Sakhi — श्री ललित किशोरी देव

Verse 63 of 102

श्रीस्वामी हरिदास भज, छाँडि सकल जंजार। या चक्कर में मति परै, यह झूठौ संसार॥ - श्री चतुर दास, श्री चतुर दास जी की वाणी, सिद्धांत की साखी (10) श्री स्वामी हरिदास भज, चंडी सकल जंजार। या यह मिथ्या संसार संसार में पराया है.. - श्री चतुर दास सिद्धांत मित्र श्री चतुर दास जी के शब्द (10)
नामी नाम न भावईश्रीस्वामी हरिदास भजि, सिद्ध होइ सब काम।