श्रीस्वामी हरिदास भजि, सिद्ध होइ सब काम।
Siddhant Ki Sakhi — श्री ललित किशोरी देव
Verse 64 of 102
श्रीस्वामी हरिदास भजि, सिद्ध होइ सब काम।
चतुरदास यह भाव भजि, निरखे स्यामास्याम॥
- श्री चतुर दास जी, श्री चतुर दास जी की वाणी, सिद्धांत की साखी (11)
श्री स्वामी हरिदास भाजी, आपके सभी कार्य सिद्ध हों। चतुरदास यः भव भाजी, निरखे श्यामस्याम.. - श्री चतुरदास जी, श्री चतुरदास जी के वचन, सिद्धांत के मित्र (11)