नामी नाम न भावई

Siddhant Ki Sakhi — श्री ललित किशोरी देव

Verse 65 of 102

श्रीस्वामी हरिदास के, ते प्रगट जगत जस जानि। सैवै नित्य बिहार कों, तजि लोक वेद की कानि॥ - श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धान्त की साखी (437) श्री स्वामी हरिदास का संसार ज्यों का त्यों प्रकट है। शैव नीति बिहार कोण, तजि लोक वेद की कानि.. - श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धांत की साखी (437)
श्रीस्वामी हरिदास भजि, सिद्ध होइ सब काम।नामी नाम न भावई