नामी नाम न भावई
Siddhant Ki Sakhi — श्री ललित किशोरी देव
Verse 76 of 102
व्यास रसिक निर्णय कियौ, श्रीवृंदावन माँहिं।
श्रीस्वामी के धर्म कौ, पटतर कौं कोइ नाहिं॥
- श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धान्त की साखी (356)
व्यास ने विवाह करने का निश्चय किया, मैं श्रीवृन्दावन में नहीं हूँ। श्री स्वामी का धर्म कौन है यह कोई नहीं जानता.. - श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की आवाज, सिद्धांत मित्र (356)