श्री हरिदास अनन्य जै, वर विहार-रस केलि

Siddhant Ki Sakhi — श्री ललित किशोरी देव

Verse 92 of 102

श्री स्वामी हरिदास के, नवल निकुंज बिहार। छवि छीटें छहरात हैं, तिनके दस अवतार॥ - श्री रूप सखी, सिद्धांत के दोहा (44) श्री स्वामी हरिदास के, नवल निकुंज बिहार। छवि छिड़कती है सुगंध, तिनका है दास अवतार.. - श्री रूप सखी के दोहे, सिद्धांत (44)
श्री हरिदास अनन्य जै, वर विहार-रस केलिश्री हरिदास अनन्य जै, वर विहार-रस केलि