जिकरि फ़िकरि सब छाँड़ि कै, ललित केली गुन गाव।

Siddhanta Pada —

Verse 21 of 63

जिकरि फ़िकरि सब छाँड़ि कै, ललित केली गुन गाव। श्री वृन्दावन में बसि रहौ, नाँहिन और उपाव॥ - श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वानी, सिद्धांत के पद (16) सभी श्लोक याद रखने योग्य हैं, केवल सुन्दर ही सुन्दर हैं। श्री वृन्दावन, नन्ही और उपवा में रहो.. - श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू के वचन, सिद्धांत (16)
दोऊ राजत स्यामा स्यामकहा त्रिलोकी जस किये, कहा त्रिलोकी दान।