कहा त्रिलोकी जस किये, कहा त्रिलोकी दान।

Siddhanta Pada —

Verse 22 of 63

कहा त्रिलोकी जस किये, कहा त्रिलोकी दान। कहा त्रिलोकी बस किये, जु करी न भक्ति निदान॥ -श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वानी, सिद्धांत के पद (34) त्रिलोकी जस कहो, त्रिलोकी दान कहो। कह त्रिलोकी बस किये, जू करि न भक्ति निदान.. -श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू के वचन, सिद्धांत (34)
जिकरि फ़िकरि सब छाँड़ि कै, ललित केली गुन गाव।पौंढे माई लालन गिरिवरधारी