कुँवरि किशोरी राधे सुख की रासि।

Siddhanta Pada —

Verse 26 of 63

कुँवरि किशोरी राधे सुख की रासि। देऊ कृपा कर मोहे लाड़िली बरसाने को वास॥ [1] तजो कृपणता बेगि छबीली ब्रजजन झूठन आस। घूरे लोट रहत 'बंशीअलि' ललिता सखी विश्वास॥ [2] - श्री वंशी अलि, सिद्धांत के पद (22) कुमारी कन्या राधे सुखों की रानी है। कृपया मुझे मेरे युद्ध की वर्षा करने का अवसर दीजिए.. [1] तजो कृपाणता बेगी छबीली ब्रजजन झूठन अस। घूरे लोट राहत 'बंशियाली' ललिता सखी विश्वास.. [2] - श्री वंशी अली, सिद्धांत की पोस्ट (22)
को सरि करै हमारी राधा। लडैती जू को महल महा सुखरासी।