राजा परजा बादशाह, सब कोउ आवै जाय।
Siddhanta Pada —
Verse 45 of 63
राजा परजा बादशाह, सब कोउ आवै जाय।
श्री कुँजबिहारिनि लाडिली, पोषत मन के भाय॥
- श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वानी, सिद्धांत के पद (17)
राजा-महाराजा की जय हो. श्री कुंजबिहारिणी लाडिली, मन भय से भर गया.. - श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वाणी, सिद्धांत श्लोक (17)