साधु साधु सब एक हैं, ठाकुर ठाकुर एक।

Siddhanta Pada —

Verse 50 of 63

साधु साधु सब एक हैं, ठाकुर ठाकुर एक। संतन सों जे हित करैं, सोई जानि विवेक॥ - श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वानी, सिद्धांत के पद (14) साधु-संत सब एक हैं, ठाकुर-ठाकुर एक हैं। अगर मैं अपने बच्चों का भला करूंगा तो मैं अपने विवेक से सोऊंगा.. - श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू के शब्द, सिद्धांत (14)
साधो भाई ऐसौ महल हमारौ।सहचरि करै सोइ मोइ भावै, सहचरि मो मन ढारि ढरत है।