सखी लालन को पयोष, प्रिया-पद-रस प्याइ।
Siddhanta Pada —
Verse 52 of 63
सखी लालन को पयोष, प्रिया-पद-रस प्याइ।
लाल श्रवनन देत सुख, नित राधिकागुन गाइ॥
- श्री वंशी अलि, सिद्धांत के पद (7)
सखी लालन को पयोष मिला, प्रिया-पद-रस। सुनकर आनंद देता है लाल, नित-नित गाता है राधिकागुण.. - श्री वंशी अली, सिद्धांत छंद (7)