हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
Sur Sagar — श्री सूरदास
Verse 11 of 92
देखो करनी कमल की, कीनों जल सों हेत।
प्राण तज्यो प्रेम न तज्यो, सूख्यो सरहिं समेत॥
- श्री सूरदास, सूर सागर
कमल का फूल देखो, पुत्र के लिए कमल का फूल जल। जीवन एक बलिदान है, प्रेम बलिदान नहीं है, खुशी इसके लायक है.. - श्री सूरदास, सूर सागर