हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति

Sur Sagar — श्री सूरदास

Verse 26 of 92

खान-पान-परिधान मैं, जीवन गयौ सब बीति। ज्‍यौं बिट पर-तिय-सँग बस्‍यौ, भोर भए भई भीति॥ - श्री सूरदास, सूर सागर खाना-पीना, कपड़ा-पहनना, जिंदगी सब कुछ चला गया बेटी। ज्यौं बिट पारा-तिय-संग बस्यौ, भोर भये भाई भीति.. - श्री सूरदास, सूर सागर
हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीतिखंजन नैन सुरंग रसमाते