जौ हम भले बुरे तौ तेरे
Sur Sagar — श्री सूरदास
Verse 76 of 92
(राग धनाश्री)
जौ हम भले बुरे तौ तेरे।
तुम्हैं हमारी लाज-बड़ाई, बिनती सुन प्रभु मेरे॥ [1]
सब तजि तुम सरनागत आयौ, दृढ़ करि चरन गहेरे।
तुम प्रताप-बल बदत न काहूँ, निडर भए सब चेरे॥ [2]
और देव सब रंक भिखारी, त्यागे बहुत अनेरे।
सूरदास प्रभु तुम्हरी कृपा तै, पाए सुख जु घनेरे॥ [3]
- श्री सूरदास, सूरसागर
(राग धनाश्री) अगर हम बुरे हैं तो तुम हमारे हो. तुम्हीं हो मेरी शान और लाज, सुनो विनती मेरी प्रभु.. [1] शरण लेने आये हो, चरण गहरे मेरे। मैं नहीं चाहता कि आप मुझे महान शक्ति वाला बुरा व्यक्ति कहें, मेरे सभी मित्र निडर हैं.. [2] और देवता सभी गरीब भिखारी हैं, उनमें से कई ने मुझे छोड़ दिया है। सूरदास प्रभु आपकी कृपा, मेरा सुख घनेरा.. [3] - श्री सूरदास, सूरसागर