और कहाँ ते सुमरिये

Utkntha Madhuri — श्री माधुरी दास

Verse 2 of 15

अहो लड़ैती विन कहे, जानि लेऊ जिय बात। चरण तिहारे संग विन, मोहि न कछु सुहात॥ - श्री माधुरी दास, उत्कंठा माधुरी (11) हे योद्धा, अगर मैं जीत गया तो मैं अपनी जान ले लूंगा लेकिन जिंदा रहूंगा। चरण तिहारे संग विन, मोहि न कछु सुहात.. - श्री माधुरी दास, उत्कंठ माधुरी (11)
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