उत्कंठा माधुरी

Utkntha Madhuri

श्री माधुरी दास · 15 verses · Braj

  1. 1. और कहाँ ते सुमरिये
  2. 2. और कहाँ ते सुमरिये
  3. 3. और कहाँ ते सुमरिये
  4. 4. और कहाँ ते सुमरिये
  5. 5. और कहाँ ते सुमरिये
  6. 6. और कहाँ ते सुमरिये
  7. 7. और कहाँ ते सुमरिये
  8. 8. और कहाँ ते सुमरिये
  9. 9. और कहाँ ते सुमरिये
  10. 10. और कहाँ ते सुमरिये
  11. 11. और कहाँ ते सुमरिये
  12. 12. श्री वृंदावन स्वामिनी करि सुदृष्टि इहि ओर
  13. 13. और कहाँ ते सुमरिये
  14. 14. और कहाँ ते सुमरिये
  15. 15. और कहाँ ते सुमरिये