और कहाँ ते सुमरिये
Utkntha Madhuri — श्री माधुरी दास
Verse 5 of 15
गुणनि अगाधा राधिका, श्री राधा रस धाम।
सब सुख साधा पाइए, आधा जाको नाम॥
- श्री माधुरी दास, उत्कंठा माधुरी (36)
गुणनि अगाध राधिका, श्री राधा रस धाम। सब सुख पाओ, आधा नाम जावो.. - श्री माधुरी दास, उत्कंठ माधुरी (36)