मन नग ताको दीजिये जो प्रेम पारखी होय
Vallabh Sakhi — गोस्वामी श्री हरिराय
Verse 14 of 18
श्री वृंदावन बानिक बन्यो, कुंज कुंज अली केली।
अरुझी श्याम तमाल सों, मानो कंचन वेली॥
- गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (72)
श्री वृन्दावन बनिक बाण्यो, कुंज कुंज अली केली। अरुझि श्याम तमाल पुत्र, मनो कंचन वेलि.. - गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (72)