मन नग ताको दीजिये जो प्रेम पारखी होय

Vallabh Sakhi — गोस्वामी श्री हरिराय

Verse 4 of 18

जग में मिलन अनूप है, भगवदियन को संग। तिनके संग प्रताप तें, होत श्याम सो रंग॥ - गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (26) दुनिया में देवताओं का मिलन अनोखा है. दस तिनके सहित प्रताप, होता श्याम भागे.. - गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (26)
मन नग ताको दीजिये जो प्रेम पारखी होयमन नग ताको दीजिये जो प्रेम पारखी होय