मन नग ताको दीजिये जो प्रेम पारखी होय
Vallabh Sakhi — गोस्वामी श्री हरिराय
Verse 6 of 18
कोटि पाप छिन में टरे, लेहि वृंदावन नाम।
तीन लोक पर गाजिये, सुखनिधि गोकुल ग्राम॥
- गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (74)
कोटि पाप हरें तारे, ले लो नाम वृन्दावन का। तीन लोक पर दृष्टि सुखनिधि गोकुल ग्राम.. - गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (74)