मन नग ताको दीजिये जो प्रेम पारखी होय
Vallabh Sakhi — गोस्वामी श्री हरिराय
Verse 7 of 18
कृष्ण प्रेम मातो रहे, धरे ना काहु शंक।
तीन गाँठ कोपीन पे, गिने इंद्र को रंक॥
- गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (56)
कृष्ण से प्रेम मत करो, संदेह मत पालो। कोपीन पर तीन गाँठ, इन्द्र को दरिद्र माना जाता है.. - गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (56)