प्यारी तेरे नैननि पर तृण टूटत
Vitthal Vipul Vani — श्री विट्ठल विपुल देव
Verse 18 of 19
प्यारी तेरे नैननि पर तृण टूटत,
श्री विट्ठल विपुल विनोद बिहारिनि पिय को सर्वेषु लूटत॥
- श्री विठ्ठल विपुल देव जी, श्री विठ्ठल विपुल देव जी की वाणी (26)
प्रिय त्रिदेव तेरी मैया टूटी, श्री विट्ठल विपुल विनोद बिहारिणी पिया को सर्वेषु लुटत.. - श्री विट्ठल विपुल देव जी, श्री विट्ठल विपुल देव जी की वाणी (26)