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वृन्दावन विरुदावली
वृन्दावन विरुदावली
Vrindavan Virudavali
श्री चरणदास · 6 verses · Braj
1. वृन्दावन नीरस रसिक बनावत
2. वृन्दावन नीरस रसिक बनावत
3. वृन्दावन नीरस रसिक बनावत
4. आपकी जय हो। आप करुणा के अनंत सागर, रसीले भक्तों की आत्मा और
5. वृन्दावन नीरस रसिक बनावत
6. वृन्दावन नीरस रसिक बनावत