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वृंदावन माधुरी
वृंदावन माधुरी
Vrindavan Madhuri Md
श्री माधुरी दास · 5 verses · Braj
1. करैं मनोरथ पिय के जो कछु उपजै जीय
2. करैं मनोरथ पिय के जो कछु उपजै जीय
3. करैं मनोरथ पिय के जो कछु उपजै जीय
4. करैं मनोरथ पिय के जो कछु उपजै जीय
5. करैं मनोरथ पिय के जो कछु उपजै जीय