विनय कुंडलियाँ

Vinay Kundaliyan

श्री अलबेली अलि · 11 verses · Braj

  1. 1. अहो रसिक सुकुमारी करौ विनती कर जोरि
  2. 2. अहो रसिक सुकुमारी करौ विनती कर जोरि
  3. 3. अहो रसिक सुकुमारी करौ विनती कर जोरि
  4. 4. अहो रसिक सुकुमारी करौ विनती कर जोरि
  5. 5. अहो रसिक सुकुमारी करौ विनती कर जोरि
  6. 6. अहो रसिक सुकुमारी करौ विनती कर जोरि
  7. 7. अहो रसिक सुकुमारी करौ विनती कर जोरि
  8. 8. अहो रसिक सुकुमारी करौ विनती कर जोरि
  9. 9. अहो रसिक सुकुमारी करौ विनती कर जोरि
  10. 10. अहो रसिक सुकुमारी करौ विनती कर जोरि
  11. 11. अहो रसिक सुकुमारी करौ विनती कर जोरि