- 1. दूलह दुलहिन अधिक बनी
- 2. महल ते निकसी न बाहर आवैं
- 3. महल ते निकसी न बाहर आवैं
- 4. महल ते निकसी न बाहर आवैं
- 5. महल ते निकसी न बाहर आवैं
- 6. श्रीबिहारीजू खेलत बसंत
- 7. महल ते निकसी न बाहर आवैं
- 8. वृंदावन तजि तीरथ जांही
- 9. वृन्दावन बसि कष्ट जो होइ, कोटि मुक्ति सुख भुगतै सोइ