श्री प्रेम दास जी की वाणी
Prem Das Vani
श्री लाल बलबीर · 11 verses · Braj
- 1. एहो सुकुमारी प्रान प्यारी हौ बिहारी जू की
- 2. एहो सुकुमारी प्रान प्यारी हौ बिहारी जू की
- 3. एहो सुकुमारी प्रान प्यारी हौ बिहारी जू की
- 4. एहो सुकुमारी प्रान प्यारी हौ बिहारी जू की
- 5. एहो सुकुमारी प्रान प्यारी हौ बिहारी जू की
- 6. एहो सुकुमारी प्रान प्यारी हौ बिहारी जू की
- 7. रूप हद नेह हद मधुर अनूप हद
- 8. एहो सुकुमारी प्रान प्यारी हौ बिहारी जू की
- 9. एहो सुकुमारी प्रान प्यारी हौ बिहारी जू की
- 10. एहो सुकुमारी प्रान प्यारी हौ बिहारी जू की
- 11. एहो सुकुमारी प्रान प्यारी हौ बिहारी जू की